बिहार सरकार द्वारा पहले से निर्धारित नियमों में ढील दे दी गई है जिससे मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत बिजनेस के लिए लोन लेना अब और भी आसान हो जाएगा। उधोग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने उधोग विभाग के साथ हुई समीक्षा बैठक में इसका निर्णय लिया है।
बैठक में यह फैसला लिया गया है कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत लोन लेने के लिए फर्म के नाम पर चालू बैंक खाता की आवश्यकता नहीं है, जो पहले इस चरण को पूरा करना था जिसे अब वैकल्पिक के तौर पर रख दिया गया है। अब कोई भी आवेदक व्यक्तिगत चालू बैंक खाता खुलवाकर भी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत लोन के लिए बैंक के लिए अपना आवेदन कर सकता है।
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बता दें कि इस मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत नए स्टार्टअप करने वाले बिहार के लोगों को इस योजना के तहत 10 लाख रुपए देने का प्रावधान है, जिसमें 5 लाख माफ कर दिए जाएंगे। शेष पांच लाख को 7 साल यानी 84 किस्तों में सरकार को महज एक परसेंट की वार्षिक दर पर चुकता करना है। वहीं महिलाओं को जीरो परसेंट ब्याज देने का प्रावधान है। आर्थिक दृष्टिकोण से बिहार के लोगों के लिए सरकार की यह शानदार पहल है।
मीडिया से बातचीत में उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा– फर्म के नाम पर चालू खाता खुलवाने में कई तरह की समस्या आ रही थी, जिसके चलते उधमी योजना के लिए आवेदन करने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब इन तमाम परेशानियों को देखते हुए हमने यह फैसला किया है– “अब आवेदक व्यक्तिगत चालू खाता खुलवा कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।”
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मालूम हो कि प्रदेश के उद्योग मंत्री बनने के बाद से ही शाहनवाज हुसैन सक्रिय रहे हैं। बिहार का विभिन्न जिलों का दौरा कर पुराने बंद पड़े उद्योगों को चालू करवाने में हसन ने अपनी सक्रियता दिखाई है, जिसके चलते मीडिया ने भी सराहा है।