पटना में रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस जगह बनेगा सब-अर्बन टर्मिनल, जाने कैसे मिलेगा लाभ

पटना जंक्शन का दबाव कम करने के लिए हार्डिंग पार्क में बीमार होने वाले तमाम सब अर्बन टर्मिनल फिलहाल ठंडे बस्ते में है। मेट्रो सिटी की तरह राजधानी में बनने वाले बिहार के पहले सब अर्बन टर्मिनल से एवं मेमू पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होगा। फिलहाल यह ट्रेनें पटना जंक्शन पर 5 मिनट या 10 मिनट या फिर जितनी देर ठहरती है, उतनी देर प्लेटफार्म और रूट इंगेज रहता है।

आने वाले दिनों में जैसे-जैसे ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, पटना जंक्शन पर यात्रियों का दबाव और बढ़ेगा। लाइन और प्लेटफॉर्म इंदौर जाने का डायरेक्ट असर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की टाइमिंग पर होता है। दानापुर डिवीजन में रेलवे ट्रैक के पूरी कैपेसिटी के अनुसार ट्रेनों का संचालन हो रहा है। जितनी देर प्लेटफार्म के साथ लाइन इंगेज रहता है, उसी हिसाब से लंबी दूरी की ट्रेनों की टाइमिंग निर्धारित होती है।

रेलवे विशेषज्ञों के मुताबिक हार्डिंग पार्क में सब अर्बन टर्मिनल का निर्माण हो जाने के बाद लंबी दूरी की ज्यादातर ट्रेनों पटना जंक्शन पर आने का समय 10 से 15 मिनट कम होगा। जब मेमू पैसेंजर ट्रेनें हार्डिंग पार्क टर्मिनल पर शिफ्ट हो जाएंगी, तो मुख्य लाइन खाली हो जाएंगी। ऐसे में बगैर कोई रुकावट के मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को सीधा पटना जंक्शन पर लिया जाएगा। आउटर पर रुकने की बाध्यता खत्म हो जाएगी।

बता दें कि मेल एक्सप्रेस गाड़ियों का ठहराव कम है, मेमू का अधिक है। दोनों में टाइमिंग का फर्क है। इससे समय की बचत होगी। मुख्य प्लेटफाॅर्म पर भीड़ कम होगी। लंबी दूरी वाले यात्री पटना जंक्शन और लोकल यात्री टर्मिनल पर जाएंगे। यहां ओवरब्रिज नहीं, अंडर वे का निर्माण होगा। इसका लाभ यह होगा कि पैसेंजर अंडर वे के माध्यम से टर्मिनल से बाहर निकल जाएंगे।

दानापुर मंडल के डीआरएम प्रभात कुमार बताते हैं कि रेलवे बोर्ड से इस परियोजना को अप्रूवल मिल चुका है। जमीन के विषय में राज्य सरकार की परमिशन है। मगर, अभी एमओयू होना शूष है। हाल ही में इस सिलसिले में रेलवे तथा राज्य सरकार के संबंधित अफसरों के बीच मीटिंग हुई है। समझौता पत्र पर जल्द साइन होने की संभावना है। उसके बाद जमीन रेलवे को सौंपा जाएगा। इसके बाद रेलवे बोर्ड को परियोजना का प्रपोजल भेजा जाएगा, तब निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।

बता दें कि रेलवे की इस पहल से पटना जंक्शन पर काफी कम हो गया और यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी। हार्डिंग पार्क से ही पूरब, पश्चिम और दीघा ब्रीज होते हुए गंगा पार जाने वाली ट्रेनें खुलेंगी। ट्रेनों में इंजन बनाने की जरूरत नहीं होगी, सिंगल लाइन से ही ट्रेनों को ऑपरेट किया जा सकेगा। मालूम हो कि फिलहाल दानापुर रेल डिवीजन में 166 मेल एक्सप्रेस एवं 118 पैसेंजर ट्रेनें चलती है

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